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राम मंदिर आंदोलन के कारण जेल में था और मां संसार से चली गई : विजय स्नेही
देहरादून, 21 जनवरी (हि.स.)। अयोध्या में कल यानी 22 जनवरी को राम मंदिर में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। हर राम भक्त को इस पल का बेसब्री से इंतजार है। इस पल के लिए आंदोलन हुए और कई ने अपना सबकुछ समर्पित कर दिया। वहीं दून घाटी के एक नहीं सैकड़ों नाम ऐसे हैं जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के लिए सबकुछ त्यागने की भावना के कारण जेल की यातनाएं सही। ऐसे ही लोगों में जहां डॉ. नित्यानंद का नाम प्रमुख है वहीं रविदेव आनंद, पंडित विनोद शर्मा, नरेश बंसल, विजय कोहली तथा प्रख्यात समाजसेवी विजय स्नेही के नाम प्रमुख हैं। इस कड़ी में विजय स्नेही के संघर्षों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
विजय स्नेही राम जन्म भूमि आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ताओं में थे, जिन्होंने अपना कारोबार, परिवार सबकुछ छोड़कर राम जन्म भूमि को न्यौछावर कर दिया था। श्री राम जन्म आंदोलन के प्रमुख कारसेवकों में शामिल विजय स्नेही को आंदोलन के कारण पुलिस की दृष्टि से बचने के लिए कई बार विभिन्न रूप धरने पड़े। इतना ही नहीं घर बार छोड़कर जेल की हवा खानी पड़ी। इसे दुखद संयोग कहेंगे कि जेल यात्रा के दौरान ही उन्हें अपनी मां के निधन की सूचना मिली और वह उनकी अंतिम यात्रा में भी नहीं शामिल हो पाए।
विजय स्नेही कहते हैं कि उन्हें मां के निधन दुख बहुत ज्यादा है लेकिन परम सुख यह है कि उन्होंने राम मंदिर का निर्माण होते देखा है और राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। 1990 की स्मृति को ताजा करते हुए विजय स्नेही बताते हैं कि राम जन्म भूमि आंदोलन की प्रखरता के कार्यकाल में उन्होंने काफी संघर्ष किया है। उन्हें श्रीराम सेवा समिति का नगर संयोजक बनाया गया था और इस आंदोलन के कारण वह 9 दिन तक टिहरी जेल में निरुद्ध रहे।
विजय स्नेही बताते हैं कि अन्य लोगों के साथ उन्होंने सत्याग्रह किया और झंडे जी के आसपास उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन्हें टिहरी जेल लेकर गए। विजय स्नेही ने चर्चा के दौरान कहा कि राम जन्मभूमि के आंदोलन के लिए उन्होंने अपना व्यापार और घरबार सब छोड़ दिया था। वह पार्क रोड पर रह रहे थे। एक शोभा यात्रा निकालने के लिए सैकड़ों रामभक्त एकत्र हुए और पुलिस बल के रोकने के बाद भी भगवान राम के चित्र को कंधों पर रखकर सैकड़ों राम भक्त निकल पड़े और पुलिए उन्हें नहीं रोक पाई। इतना ही नहीं आंदोलन के दौरान पुलिस की दृष्टि से बचने के लिए वह वेश बदलकर घूमते रहे लेकिन पुलिस कई बार घरवालों को परेशान करती थी, लेकिन आज उन्हें इस बात का हर्ष है कि भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर लोकार्पण को तैयार है।
हिन्दुस्थान समाचार/साकेती/वीरेन्द्र /वीरेन्द्र