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कैथल,18 जनवरी (हि.स.)। जिला अदालत ने जान से मारने की कोशिश के केस में दोषी को दस साल की कैद व 31 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहींं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस बारे में बलिंद्र सिंह निवासी गांव हरसौला ने थाना तितरम में मुकदमा नंबर 189 दर्ज करवाया था।
शिकायत पक्ष की ओर से केस की पैरवी करते हुए डीडीए जय भगवान गोयल ने बताया कि शिकायतकर्ता बलिन्द्र का भाई जसविन्द्र 4 दिसंबर 2020 को अपनी पशुओं की डेरी में था। सुबह करीब 5 बजे उसे सूचना मिली कि जसविन्द्र को किसी ने सिर में चोट मार दी है। इस पर बलिंद्र डेरी में पहुंचा और देखा कि उसका भाई जसविंद्र चारपाई पर पड़ा हुआ है और उसके सिर से खून बह रहा था। जसविन्द्र ने उसे बताया कि जब वह सो रहा था तो उसे एकदम चोट सिर में लगी। वह उठा तो देखा कि उसका डेरी का नौकर जाकीर वासी असम अपने हाथ में लोहे का फावड़ा लिए चारपाई के पास खड़ा था। जाकीर बोला कि आज तो तू बच गया, बाद में तुझे जिन्दा नहीं छोडुगा। इसके बाद जाकीर वहां से भाग गया।
बलिंद्र अपने भाई जसविन्द्र को ईलाज के लिये सिगनस अस्पताल कैथल में ले गया। उसी दिन वह अपने भाई को ईलाज के लिये आधार अस्पताल हिसार से गया। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की छानबीन की और आरोपी जाकीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश कर दिया। एडीजे संगीता राय सचदेव ने दोनों पक्षों को सुना तथा गवाहों और सबूतों के आधार पर जाकीर को दोषी पाया तथा उसे दस साल के कारावास और 31 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी को जेल भेज दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार/ नरेश/सुमन/संजीव