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-प्राण-प्रतिष्ठा से साड़ी कारोबारियों को मिला ऑक्सीजन, प्रतिदिन तैयार हो रहे हजारों रामध्वज
मथुरा,13 जनवरी (हि.स.)। श्रीराम की भव्य अयोध्या के इतिहास में 22 जनवरी का दिन स्वर्णाक्षरों में लिखा जायेगा। श्रीकृष्ण धाम भी प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का साक्षी बनेगा, वह भी श्रीरामध्वज के रूप में। मथुरा के साड़ी छापाई कारखानों में दिन-रात श्रीरामजी के ध्वज छपाई का काम चल रहा है। साड़ी कारोबारियों की मानें तो इस मंदी के दौर में प्राण-प्रतिष्ठा से मानो उन्हें ऑक्सीजन मिल गया है।
एक साड़ी कारोबारी ने बताया कि श्रीरामध्वज तीन साइज में बनाए जा रहे हैं, जिसके लिए देशभर से आर्डर मिल रहे हैं। एक-एक दिन में एक-एक कारखाने में 20 से 50 हजार तक रामध्वज की छपाई की जा रही है।
गौरतलब हो कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की घड़ी का देश-दुनिया के सनातनियों को इंतजार है। 22 जनवरी को एक नई दीपावली मनाई जाएंगी। इस उत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां भी हर ओर चल रही हैं। इस उत्सव में श्रीकृष्ण के शौर्य,पराक्रम,प्रेम और भक्ति भाव से ओत-प्रोत भूमि पर संचालित साड़ी निर्माता भी अपना एक बड़ा योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने साड़ी की रंगाई-छपाई के काम का इन दिनों पचास प्रतिशत कम कर दिया और रात-दिन श्रीरामध्वज की छपाई में लगे हुए हैं। ध्वज पर श्रीराम की धनुष बाण के साथ छवि को प्रिंट की गई है। एक तरफ श्रीराम भक्त महाबली हनुमानजी पर्वत को अपने हाथ पर उठाते हुए नजर आ रही है। बैकग्राउंड में अयोध्या का नव्य भव्य मंदिर है। अलग-अलग स्थानों पर राम, राम नाम लिखा गया है। जो भगवा रंग पर प्रिंट किए गए है।
मिनी प्रोडेक्ट के संचालक अतुल गर्ग ने बताया, 28 गुणा 28, 28 गुणा 42 और 40 गुणा 60 के श्रीरामध्वज बनाए जा रहे हैं। एक-एक कारखानों में 20 से 50 हजार तक श्रीरामध्वज प्रतिदिन तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों के अलावा राजस्थान,महाराष्ट्र,बिहार,झारखंड,दिल्ली समेत देश के अधिकांश प्रांतों से श्रीरामध्वज की मांग आ रही है। श्रीरामध्वज की मांग अधिक होने के कारण साड़ी छपाई के काम को कम करना पड़ा है।
साड़ी कारोबारियों को मिला ऑक्सीजन
उन्होंने बताया, काफी समय से साड़ी का कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा था,लेकिन अब श्रीरामध्वज इस कारोबार को नई ऑक्सीजन दे गया है। उन्होंने बताया कि व्यापारी सीधे ही आर्डर देकर श्रीरामध्वज तैयार कर रहे हैं। कुछ लोग सीधे यहां आकर भी खरीदकर ले जा रहे हैं। हिंदू संगठन भी रैलियों में श्रीरामध्वज लहराने के लिए लेकर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक श्रीरामध्वज की कीमत साढ़े छह रूपये से लेकर पैंतालीस रूपये तक है।
हिन्दुस्थान समाचार/महेश/राजेश/पदुम नारायण
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