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ग्वालियर, 12 जनवरी (हि.स.)।उत्तर भारत में पड़ रही तीव्र ठंड का असर ग्वालियर-चंबल में भी दिख रहा है। ग्वालियर में गुरुवार को न्यूनतम पारा 5.5 डिग्री सेल्सियस पर था जो शुक्रवार को भी 5.2 डिग्री सेल्सियस पर डटा रहा। हालांकि दोपहर में गुनगुनी धूप राहत पहुंचा रही है लेकिन सुबह-शाम और रात में ठंड लोगों को कंपा रही है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिन तक शीत लहर का प्रभाव रहेगा जबकि 16 जनवरी को बादल छा सकते हैं।
बीते बुधवार से ग्वालियर में मौसम शुष्क है। शुक्रवार को भी मौसम शुष्क रहा। सूर्योदय के बाद दिन चढऩे के साथ धूप निरंतर तेज होती गई। इस वजह से दोपहर में शीत लहर का असर ज्यादा नहीं रहा लेकिन शाम होते-होते ठंड असर दिखाने लगी। मौसम के जानकारों का कहना है कि वर्तमान में मौसम को प्रभावित करने वाली कोई मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। हालांकि जम्मू-कश्मीर से सटे उत्तरी पाकिस्तान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है लेकिन उसका ग्वालियर-चंबल में कोई असर नहीं है। चूंकि उत्तर भारत में इन दिनों ठंड पूरे यौवन पर है। वहां से ठंडी हवाएं आ रही हैं। इसी कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। अगले तीन दिन तक शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 16 जनवरी को हिमालय में एक पश्चिमी विक्षोभ आएगा। इसके प्रभाव से हवाओं का रुख बदलने के साथ ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल भी छा सकते हैं। इससे न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी और ठंड में कमी आएगी। स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार पिछले दिन की तुलना में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 0.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है जबकि न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 1.7 डिग्री सेल्सियस कम है। शुक्रवार सुबह हवा में नमी 88 और शाम को 69 प्रतिशत दर्ज की गई।
हिन्दुस्थान समाचार/शरद
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