Warning: Undefined array key "mode" in /home/azaannews/public_html/wp-content/plugins/sitespeaker-widget/sitespeaker.php on line 13
[ad_1]

लखनऊ, 26 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ पीसी सक्सेना ने बताया कि सीस्टोन सिरप एवं लिव-52 को बिक्री योग्य पाया गया है। आयुर्वेद निदेशालय ने इसी वर्ष 2024 के 12 मार्च को कर्नाटक के बैंग्लोर की फर्म हिमालया वेल्सनेस कम्पनी द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक औषधि सीस्टोन सीरप एवं लिव-52 को प्रतिबिन्धित किया था।
निदेशक डॉ पीसी सक्सेना ने बताया कि उक्त सीरप को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ड्रग पॉलिसी सेक्शन के तह जांच पड़ताल के लिए रखा गया। 19 मार्च 2024 को प्राप्त निर्देश एवं फर्म के स्पष्टीकरण पर सम्यक विचार के बाद फर्म हिमालया वेलनेस कम्पनी के सीस्टोन सीरप एवं लिव-52 को बिक्री योग्य पाया गया।
डॉ सक्सेना ने बताया कि सीस्टोन सिरप एवं लिव-52 को संबंधित बीमारी होने पर चिकित्सकों द्वारा लिखा जा सकेगा। आयुर्वेद विभाग की ओर से लीवर संबंधित बीमारियों के लिए लिव 52 का सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाता है। वहीं दूसरी दवा सीस्टोन सीरप का इस्तेमाल पथरी के उपचार के लिए होता रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार/शरद/मोहित/आकाश