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झाबुआ, 21 मार्च (हि.स.)। कानून का उल्लंघन करने से न केवल अपराध बढ़ते हैं बल्कि समाज में अराजकता और अशांति भी फैलती है, इसलिए यह आवश्यक है कि हम सभी कानून का पालन करें और दूसरों को भी इसका महत्व समझाएं। उक्त विचार द्वितीय जिला न्यायाधीश सुभाष सुनहरे ने वन स्टॉप सेंटर झाबुआ में गुरुवार को आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किए। शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी सागर अग्रवाल, प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर लीला परमार सहित वन स्टॉप सेंटर की एवं महिलाएं एवं पुरूष उपस्थित रहे।
शिविर में अपने उद्बोधन में जस्टिस सुनहरे ने कहा कि इस वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को कानूनी शिक्षा प्रदान करना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। हम सभी जानते हैं कि कानून समाज के लिए कितना महत्वपूर्ण है। यह न केवल व्यवस्था बनाए रखता है बल्कि नागरिकों के मूलभूत अधिकारों की भी रक्षा करता है। कानून का सम्मान करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। कानून का उल्लंघन करने से न केवल अपराध बढ़ते हैं बल्कि समाज में अराजकता और अशांति भी फैलती है, इसलिए यह आवश्यक है कि हम सभी कानून का पालन करें और दूसरों को भी इसका महत्व समझाएं।
सुनहरे ने कहा कि इस वन स्टॉप सेंटर में विभिन्न कानूनी मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में शिक्षित किया जाता है ताकि वे अपने जीवन को बेहतर ढंग से जी सकें। शिविर में सुनहरे ने महिलाओं के अधिकार, दहेज अधिनियम, दापा, प्रतिकर योजना जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी सागर अग्रवाल ने बताया कि नालसा सालसा योजना, शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं सहित एवं लोक उपयोगी सेवाओं के लिए लगने वाली स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत, नेशनल लोक अदालत की जानकारी दी। जबकि कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ता विश्वास शाह ने पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल की जानकारी, भूमि संबंधी कानून आदि विषयों पर बताया।
हिन्दुस्थान समाचार/ डॉ. उमेशचन्द्र शर्मा/मुकेश