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जेही दिन राम जन्म श्रुति गवाही। तीरथ सकल कहां चलि आवही
लखनऊ, 17 मार्च (हि.स.)। लखनऊ ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रही श्री राम कथा के तृतीय दिवस कथा वाचक आचार्य देवमुरारी बापू ने भगवान शिव की कथा सुनाई। देवमुरारी बापू ने कहा कि सच्चे प्रेम से मुझे जो याद करता है, मैं उसके बंधन में हो जाता हूं। रामही केवल प्रेम प्यारा, जान लेई जो जानन हरा यह चौपाई भगवान श्री राम के लिए गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखी।
देवमुरारी बापू ने कहा कि भगवान श्री राम ज्यादा धन, ज्यादा रूपवान, ज्यादा वैभवशाली और ज्यादा ज्ञान से प्रसन्न नहीं होते हैं। भगवान केवल प्रेम से प्रसन्न होते हैं, इसलिए संत लोग भगवान से निरंतर प्रेम करते हैं और अनुराग के साथ उनके नाम का जाप करते हैं। इसलिए सबसे पहले भगवान को संत लोग प्राप्त कर लेते हैं। व्यक्ति के जीवन में संत जैसा स्वभाव होना चाहिए, जिसका स्वभाव संत जैसा हो जाता है परमात्मा उसकी रात दिन रक्षा करते हैं। कथा में भगवान श्रीराम के जन्म की कथा के बाद आरती उतरी गई और प्रसाद वितरण कर कथा को विश्राम दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/बृजनन्दन/आकाश