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सोलन, 16 मार्च ( हि. स.) । जिले के अंतर्गत डिग्री घोटाले में फंसी निजी यूनिवर्सिटी मानव भारती के छात्रों की परेशानियां कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं । मानव भारती यूनिवर्सिटी सुल्तानपुर के छात्र अमन आनंद ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा विद्यार्थियों की वेरिफिकेशन के लिए कमेटी का गठन किया गया था । कमेटी के अध्यक्ष द्वारा एक शपथ पत्र देकर 6 पैरामीटर पर छात्रों के सत्यापन की कार्यवाही शुरू करने के लिए उच्चतम न्यायालय को अवगत करवाया गया था ।
सत्यापन की कार्यवाही शुरू होने के उपरांत मानव भारती यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा डिस्क्लोजर लिस्ट के लिए एक पत्र हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेटरी कमिशन को लिखा गया, जिसके जवाब में दिनांक 09 नवंबर 2022 को हिमाचल प्रदेश रेगुलेटरी कमीशन द्वारा यह बतलाया गया कि साल 2019-20 के बैचलर आफ फार्मेसी का कोई भी रिकॉर्ड हमारे पास उपलब्ध नहीं है । इसलिए उन छात्रों को कमेटी द्वारा डिग्री देने के लिए मना कर दिया गया है । इस बाबत छात्रों द्वारा विरोध दर्ज करवाने के बाद हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन रेगुलेटरी कमीशन द्वारा एक पत्र दिनांक 31 मई 2023 को इशू किया गया जिसमें एक मेल दिनांक 16 अगस्त 2019 का जिक्र करते हुए उपरोक्त छात्रों को डिग्री देने के लिए बोल दिया गया था ।
अमन आनन्द का कहना है कि प्रदेश के हजारों छात्रों का भविष्य कमेटी के हाथ में है और इस कमेटी द्वारा इस प्रकार की अनियमिताएं अपनाते हुए उनके भविष्य को डुबोने का कार्य किया जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि जो पैरामीटर उपरोक्त कमेटी द्वारा बनाए गए हैं उनको पूर्ति करने की जिम्मेदारी मानव भारती यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों की रहती है । इस बारे लिखित में मानव भारती यूनिवर्सिटी द्वारा बकौल अमन आनंद को पत्र उपलब्ध करवाए गए हैं। अतः अमन आनंद ने मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को भी पत्र लिखकर इस मामले में संज्ञान लेने की सिफारिश की है ।
हिन्दुस्थान समाचार / संदीप
/सुनील