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जींद, 7 मार्च (हि.स.)। गत 13 फरवरी को दातासिंहवाला-खनौरी बार्डर पर गिरफ्तार किए गए किसान नेता अक्षय नरवाल, प्रवीन मदीना, वीरेंद्र कोयल की रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदेशभर से किसान जींद एसपी कार्यालय का घेराव करने और अपनी गिरफ्तारी देने के लिए पहुंचे। गोहाना रोड पर लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर बैठक का आयोजन किया गया।
एसपी कार्यालय की तरफ कूच से पहले ही प्रशासन ने किसानों की कमेटी के साथ मीटिंग कर तीनों नेताओं को सोमवार से पहले रिहा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने गिरफ्तारी के फैसले को वापस ले लिया। धरने पर जींद, सोनीपत के अलावा प्रदेश भर से किसान संगठन पहुंचे थे। भारतीय किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विकास सिंसर, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुशील नरवाल, प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका खरकरामजी, संदीप चहल, किसान सभा से मास्टर बलबीर, अंकित मदीना, अजय नरवाल, जाटू खाप 84 के प्रधान रामकिशन ने कहा कि बार्डर से गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर पिछले एक माह से वह आंदोलन के रास्ते पर हैं।
कथूरा गांव में धरना दिया जा रहा है तो जींद प्रशासन से भी हर तरह से अपील की जा चुकी है लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें रिहा नहीं किया गया तो उन्हें एसपी कार्यालय के घेराव और अपनी गिरफ्तारी देकर जेल भरने का फैसला लेना पड़ा। गोहाना रोड पर लघु सचिवालय के सामने लगाए गए धरने पर किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट कहा कि या तो अक्षय नरवालए वीरेंद्र और प्रवीन को रिहा किया जाए या फिर उन्हें भी जेल में डाला जाए। अगर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो सभी किसान एसपी कार्यालय के बाहर ही पक्का मोर्चा लगाएंगे। जींद के अलावा सोनीपत समेत प्रदेश के कई जिलों से किसान यहां पहुंचे थे। किसानों के इरादों को देखते हुए प्रशासन ने किसानों की कमेटी के साथ मीटिंग बुलाई और एसपी सुमित कुमार ने कमेटी को आश्वासन दिया कि सोमवार तक तीनों नेताओं को रिहा कर दिया जाएगा।
प्रियंका खरकरामजी ने कहा कि एसपी के साथ सार्थक माहौल में बातचीत हुई है। उन्हें सोमवार तक का आश्वासन मिला है। उन्हें उम्मीद है कि किसान नेताओं पर लगे मुकदमों को भी खारिज किया जाएगा। विकास और सुशील ने कहा कि प्रशासन यह मान चुका है कि तीनों निर्दोष हैं। किसान नेता बलबीर अंबरसर ने कहा कि एसपी ने उन्हें बेल अप्लीकेशन लगाने ओर जमानत में सहयोग का आश्वासन दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार/ विजेंद्र/संजीव