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एचईआरसी ने 2024-25 के लिए जारी किया टैरिफ ऑर्डर
एचईआरसी ने जनसुनवाई के बाद सुनाया फैसला
आयोग ने एटीएंडसी को दस प्रतिशत करने का दिया निर्देश
चंडीगढ़, 6 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेश में इस साल बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं होगी। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने बिजली वितरण निगमों- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की एचईआरसी में दायर की गई वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) की याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को अपना फैसला दिया है।
एचईआरसी ने 78 लाख 57 हजार 142 बिजली उपभोक्ताओं को भारी राहत देते हुए बिजली बिलों में किसी प्रकार की कोई बढ़ोतरी नहीं की है, यानी बिजली दरें ज्यों की त्यों रहेंगी। एचईआरसी ने इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के सेक्शन 62 के तहत यह निर्णय दिया है। यह आदेश प्रदेश में एक अप्रैल से लागू होंगे। इससे पहले गत वर्ष भी एचईआरसी ने अपने एआरआर ऑर्डर में किसी प्रकार की कोई वृद्धि नहीं की थी।
एचईआरसी के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा, सदस्य (तकनीकी) नरेश सरदाना, सदस्य (विधि) मुकेश गर्ग ने अपना इस संबंध में फैसला सुनाते हुए बिजली वितरण निगमों को निर्देश दिए हैं कि परिचालन दक्षता में सुधार लाएं और एग्रीग्रेट ट्रांसमिशन एंड कॉमर्शियल लॉस (एटीएंडसी) को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करें। एचईआरसी ने एआरआर ऑर्डर को लेकर 8 फरवरी को पब्लिक हियरिंग की थी, जिसमें यूएचबीवीएन/डीएचबीवीएन के अधिकारियों और पब्लिक की दलीलें सुनी गई थीं, उसके बाद 9 फरवरी को राज्य सलाहकार समिति (एसएसी)की बैठक करके नए एआरआर आर्डर के संबंध में एसएसी के सदस्यों के सुझावों को दर्ज किया गया था। एआरआर ऑर्डर 2024-25 के लिए यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने 30 नवंबर 2023 से पहले एआरआर पिटीशन दायर कर दी थी, उसके बाद इनकी पिटीशन पर विश£ेषण का कार्य जारी था। एचईआरसी ने नया वित्त वर्ष शुरू होने से पहले अपना एआरआर ऑर्डर जारी कर दिया है।
अगले वित्त वर्ष के लिए बिजली निगमों का बजट मंजूर
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जहां यूएचबीवीएन के लिए 18,620.91 करोड़ रुपये का एआरआर और डीएचबीवीएन के लिए 25,642.36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कृषि के लिए राज्य सरकार 5941.17 करोड़ रुपये सब्सिडी देगी, गत वर्ष से इस बार सब्सिडी पर सरकार का करीब 109 करोड़ रुपये का भार कम होगा। वहीं, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने हरित ऊर्जा प्रीमियम को सामान्य टैरिफ से 2.50 रुपये प्रति किलोवाट से घटाकर 0.88 रुपये प्रति किलोवाट किया है। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए आयोग ने रात का समय/दिन का रियायती टैरिफ रुपये तक जारी रखा है, 11/33 केवी पर आपूर्ति के लिए 4.25/केवीएच और एचटी 66 केवी और उससे ऊपर की आपूर्ति के लिए 3.75 रुपये/केवीएच निर्धारित किया है। हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों को रियायती टैरिफ की भी अनुमति दी है।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/सुनील