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विधानसभा में पारित हुआ हरियाणा राज्य खेल संघ (पंजीकरण और विनियमन) विधेयक
राज्य व क्षेत्रीय स्तर पर होगा खेल परिषदों का गठन
चंडीगढ़, 28 फरवरी (हि.स.)। हरियाणा में अब खेल संघों के लिए अब पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। खेल संघों के संचालन हेतु अब गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। बुधवार को विधानसभा में सरकार ने हरियाणा राज्य खेल संघ (पंजीकरण और विनियमन विधेयक) पास कर दिया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में यह विधेयक पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। नया कानून पास होने के बाद अब प्रदेश में कोई भी खेल संघ अपना पंजीकरण कराए बिना किसी तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं कर सकेगा और न ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देगा। गैर पंजीकृत खेल संघों को खिलाड़ियों के लिए खेल प्रतियोगिताएं कराने की भी अनुमति नहीं होगी।
खेल संघों द्वारा खिलाड़ियों के आर्थिक शोषण की शिकायतें भी सरकार के पास पहुंची हैं। इन खेल संघों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है।
हरियाणा राज्य खेल संघ (पंजीकरण एवं विनियमन) विधेयक 2024 में प्रावधान किया गया है कि खेल संघों को अपना पंजीकरण हरियाणा खेल पंजीकरण परिषद और क्षेत्रीय खेल पंजीकरण परिषद के पास अनिवार्य रूप से कराना होगा। सरकार इन खेल परिषदों का गठन करेगी। तीन साल के लिए यह पंजीकरण होगा, जो कि राज्य व जिला स्तर पर अनिवार्य है। कोई भी खेल संघ अपने नाम के आगे हरियाणा अथवा जिले के नाम इस्तेमाल नहीं करेगा।
खेल परिषदों को खिलाड़ियों की ओर से की जाने वाली शिकायतों की जांच का अधिकार दिया गया है। इन खेल परिषदों को अपनी देखरेख में चैंपियनशिप, प्रशिक्षण और रिकार्ड की जांच करने का अधिकार होगा। खेल संघों के कामकाज के आकलन के साथ ही उनकी जवाबदेही भी रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/दधिबल