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धर्मशाला, 27 फरवरी (हि.स.)। निर्वासित तिब्बती संसद ने तिब्बत के डेर्ज खाम क्षेत्र में चीन सरकार द्वारा तिब्बतियों पर की गई क्रूर कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। धर्मशाला स्थित निर्वासित तिब्बती सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि तिब्बत से मिली रिपोर्टों के मुताबिक द्रिचू नदी पर बांध निर्माण के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहे एक हजार से अधिक तिब्बतियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बीते 14 फरवरी 2024 से चल रहे इन विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य गंगटुओ जलविद्युत स्टेशन के निर्माण को रोकना है, जो 13 हजार 920 मेगावाट की नियोजित क्षमता वाले विशाल 13-स्तरीय जलविद्युत परिसर का एक घटक है।
उन्होंने बताया कि इस निर्माणाधीन परियोजना से दो गांवों ऊपरी वोंटो और शिपा को विस्थापन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा जहां लगभग दो हजार निवासी रहते हैं। यही नही इसके परिणामस्वरूप छह ऐतिहासिक मठों को ध्वस्त कर दिया जाएगा जिनमें वोंटो मठ, येना मठ, खारधो मठ, रबटेन मठ, गोंसार मठ और ताशी मठ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन मठों में अपूरणीय बौद्ध अवशेष हैं, जिनमें वोंटो मठ में 13वीं शताब्दी के प्राचीन भित्ति चित्र भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वासित तिब्बती संसद चीन सरकार से बंदियों की तत्काल रिहाई, बांध निर्माण को तत्काल रोकने और क्षेत्र में किसी भी परियोजना के लिए स्थानीय लोगों की इच्छाओं का सम्मान करने का आह्वान करती है।
हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/सुनील