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– इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू के बजाय सीधे आएगा निवेश
भोपाल, 22 फरवरी (हि.स.)। उज्जैन में एक और 2 मार्च को इन्वेस्टर समिट होगी। समिट में डेयरी, खाद्य पदार्थ, एग्रीकल्चर, फिल्म निर्माण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले उद्योगों की स्थापना पर चर्चा होगी। इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू के बजाय सीधे निवेश आएगा। कुछ प्रोजेक्ट के वर्चुअल भूमिपूजन भी होंगे। मध्य प्रदेश की इस अनूठी इन्वेस्टर समिट के लिए सरकार ये नई पहल लेकर आई है। ये ग्लोबल इन्वेस्टर समिट नहीं होगी, लेकिन उज्जैन सहित पूरे क्षेत्र पर फोकस होगा। समिट की तैयारियों की समीक्षा करने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज गुरुवार को उज्जैन जाएंगे।
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में एक मार्च से विक्रमोत्सव की शुरुआत होने जा रही है। पहले और दूसरे दिन इन्वेस्टर समिट होगी। समिट में नागझिरी में क्लस्टर के रूप में प्रिंटिंग प्रेस मशीन स्थापित करने पर चर्चा होगी। समिट के दौरान एमएसएमई और स्टार्ट-अप, मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर और बायर-सेलर मीट का आयोजन किया जायेगा। समिट में शामिल होने के लिए सरकार से अब तक एक हजार से अधिक उद्योगपतियों ने संपर्क किया है। उद्योगों की प्राथमिकता के आधार पर निवेशकों को शॉर्टलिस्टेड किया जा रहा है।
एमपी इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी चंद्रमौली शुक्ला का कहना है कि समिट में लैंड एप्रूवल, सीसीआईपी एप्रूवल जैसी सुविधाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जाएंगी। उज्जैन क्षेत्र में निवेश के लिए मध्य प्रदेश के साथ महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के अद्योगपति अधिक रुचि दिखा रहे हैं। आज मुख्यमंत्री मोहन समिट सहित विक्रमोत्सव की अंतिम तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / उमेद/मुकेश