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अयोध्या, 21 जनवरी (हि. स.)। तुलसी उद्यान अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भक्तिमय गीतों पर लोग झूम रहे हैं। ठुमक रहे हैं। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय और समस्त क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों की ओर से भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभु श्रीराम की आराधना की जा रही है। रविवार को पहली प्रस्तुति में अयोध्या के कलाकार प्रमोद कुमार सिंह के कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
अवधी के भजनों पर दर्शक उठकर स्टेज के सामने ही मगन होकर नृत्य करने लगे। दूसरी प्रस्तुति सिक्किम के लोक कलाकारों के दल ने की, कलाकारों के सधे नृत्य और उनकी मुस्कान ने पूरे वातावरण को राममय कर दिया। जब गुजरात के कलाकार मंच पर आए और गुजराती लोकधुन पर तलवारबाजी के हैरतअंगेज कारनामे के साथ नृत्य किया तो तालियों से पूरा पांडाल गूंज गया। अगली प्रस्तुति हर शुभ अवसर पर किया जाने वाला गुजराती नृत्य ‘अटेंगी’ कलाकारों ने किया। हरियाणा से आए दल ने आते ही अपनी विशिष्ट हरियाणवी लोकगीतों की जैसे तान छेड़ी सभी मानो मंच के साथ हो गए और अगले ही पल महिला कलाकारों ने प्रवेश किया और पारंपरिक परिधानों में हरियाणवी नृत्य करके सभी को मोह लिया। मंच पर हिमांचल प्रदेश से आए लोक कलाकारों ने भी नृत्य प्रस्तुत किया।
इन कलाकारों के थिरकते कदमों ने सभी को झूमने पर बाध्य कर दिया। जम्मू कश्मीर की लोक धुन बजते ही वातावरण में भक्ति भाव घुल गया। इस दल ने डोगरी भाषा में गीतों, संवादों के साथ दर्शकों को अपने साथ जोड़ लिया। आंध्र प्रदेश के दल ने मार्शल आर्ट के साथ किया जाने वाला तपेट गुल्लू लोक नृत्य करके सभी को हतप्रभ कर दिया। गजनना गजानना और जय श्रीराम जय श्रीराम के बोलों पर उनके नृत्य और गीत में पूरा पांडाल साथ दे रहा था। दर्शकों से खचाखच भरे पंडाल में कार्यक्रम का संचालन देश दीपक मिश्र ने किया। इस अवसर पर निदेशक उ. प्र.लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ अतुल द्विवेदी, कार्यक्रम अधिकारी एन सी जेड सी सी अजय कुमार गुप्ता, समेत तमाम संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में कलाकारों को अंगवस्त्र और रामनामी देकर सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/पवन पाण्डेय/दिलीप