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चेन्नई, 15 जनवरी (हि.स.)। अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के उद्घाटन पर रविवार को यहां एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए अपने वक्तव्य को लेकर आलोचना का सामना करने वाले कांग्रेस नेता व सांसद शशि थरूर ने सोमवार को अपने एक्स अकाउंट पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि ‘हमें उन लोगों तक पहुंचने की जरूरत है जो हमारे विचारों से सहमत नहीं हैं। क्या, यह लोकतंत्र की आवश्यकता नहीं है।’
शशि थरूर रविवार को चेन्नई के संगीत अकादमी में आरएसएस विचारक एस गुरुमूर्ति द्वारा संपादित तमिल पत्रिका तुगलक की 54वीं वार्षिक बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ‘आलोचकों ने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। वहां कई मुद्दों पर बात हुई और मैं उसका जवाब दे सकता था। कई लोग यह महसूस करते हैं कि मुझे वहां नहीं जाना चाहिए, मैं पूछता हूं कि क्या वह बताएंगे कि ऐसे कार्यक्रमों में क्यों नहीं भाग लेना चाहिए? मैं राजनीति और हिंदू धर्म को एक-दूसरे से अलग होते हुए देखने के लिए जीवित रहूंगा। मैं नहीं मानता कि हमारा धर्म, राजनेताओं के लिए कोई भूमिका निर्धारित करता है।’
कार्यक्रम के दौरान शशि थरूर ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में राममंदिर उद्घाटन को लेकर उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन मंदिर का उद्घाटन राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है। दर्शकों ने थरूर के इस वक्तव्य का कड़़ा विरोध किया।
थरूर ने विभिन्न हिंदू ग्रंथों और सुधारवादी विवेकानंद के विचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि वे सभी इस विश्वास को साझा करते हैं कि परमात्मा की कल्पना कई रूपों में की जा सकती है। इसलिए सभी धर्म अंततः एक ही देवत्व की ओर ले जाते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/ डॉ आर. बी. चौधरी/संजीव
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