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मंडी, 14 जनवरी (हि.स.)। जिंदगी में उठाया गया एक गलत कदम जहां जीवन को अंधकारमय बना देता है। वहीं पर सोच समझ कर लिया गया एक निर्णय भी सफलता की हजार राहें खोल देता है। कुछ ऐसी संदेश है मंडी की खलियार निवासी खुशबू शर्मा की हाल ही में प्रकाशित अंग्रेजी की पुस्तक वन डिसीजन 1000बेनिफिट में। एक तरह से मनुष्य के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को भावनात्मक बौद्धिकता के जरिए नियंत्रित करने वाली यह पुस्तक सकारातमक ऊर्जा का संचार भी करती है।
इस पुस्तक के लिए खुशबू शर्मा को मुंबई में आयोजित इंडिया ऑथर्स कॉन्क्लेव के दौरान आईएए लेखक पुरस्कार से नवाजा गया। आईआईटी,आईएमटेक एवं वाईएसपीयूएचएफ जैसे विख्यात संस्थानों के साथ काम कर चुकी तथा अपने वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों में पुरस्कृत हो चुकी खुशबू शर्मा ने इस पुस्तक के रूप में नया प्रयोग किया है।
उनका कहना है कि शारीरिक बीमारी के विपरीत मानसिक बीमारी के कोई लक्षण नहीं होते …जब तक यह उन्नत अवस्था में न हो। वहीं पर भावनात्मक बौद्धिकता वैज्ञानिक रूप से आईक्यू से अधिक महत्वपूर्ण साबित हुई है। वह बताती है कि इस आईक्यू में आपको व्यक्तिगत और व्यवसायिक मोर्चे पर और अधिक सफल बनाने की सभी शक्तियां मौजूद रहती हैं। इसलिए छोटे बच्चों को स्कूल में ही प्रशिक्षित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि वे भावनात्मक रूप से अधिक बुद्धिमान व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें और अपने जीवन में किसी भी समय तनाव का शिकार न हों।
खुशबू का कहना है कि मनुष्य के व्यक्तित्व विकास के लिए जरूरी है किताबों से दोस्ती…किताबें पढ़ने से ही व्यक्तित्व का विकास संभव है खासकर बच्चों को वह विश्व के नेताओं की जीवनियां पढ़ने पर जोर देती है। उनका मानना है कि माइंडफुलनेस अपनाकर इस दुनिया को रहने लायक जगह बनाया जा सकता है। बच्चों और किशोरों पर सोशल मीडिया का प्रभाव चिंताजनक है…सोयाल मीडिया का अधिक प्रयोग बच्चों और किशोरों को तनाव और अवसाद की ओर धकेल रहा है। इसके विपरीत युवाओं में भावनात्मक बौद्धिकता और आत्मजागरूकता का बढ़ना जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में 18 से 34 वर्ष की आयु वर्ग के व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समसयाओं से प्रभावित होने की अधिक संभावना है। वहीं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार निकट भविष्य में आधी दुनिया कम से कम किसी न किसी मानसिक बीमारी से ग्रसित होगी। खुशबू का कहना है कि उनकी यह पुस्तक 1 डिसीजन 1000 बेनिफिट्स महिलाओं और पुरूषों के अलावा किशोरों और पेशेवरों को उनकी भावनात्मक बौद्धिकता बढ़ानें के लिए व्यवहारिक रूप से फायदेमंद साबित होगी। हालांकि, यह पुस्तक अंग्रेजी में है। लेकिन हिंदी के पाठकों के लिए शीर्घ ही हिंदी और आडियो बुक के रूप में जारी करनें जा रही है। यह पुस्तक संयुक्त राज्य अमेरिका में एक वैज्ञानिक काॅर्परेटिव साइटोमएक्स में भी जारी की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार/ मुरारी/सुनील
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