नई दिल्ली: डीआरडीओ ने शुक्रवार को नई पीढ़ी की आकाश मिसाइल (AKASH-NG) का परीक्षण किया। परीक्षण सुबह 10।30 बजे ओडिशा इंटीग्रेटिड टेस्ट रेंज चांदीपुर में किया गया। टेस्टिंग के दौरान टार्गेट को सफलता पूर्वक नष्ट किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आकाश मिसाइल की सफल टेस्टिंग के लिए DRDO और इंडियन एयरफोर्स को बधाई दी। यह मिसाइल दुश्मनों के लिए काल बनेगी और वायु सेना की ताकत को बढ़ाएगी।
खास बात है कि इसकी टेस्टिंग में स्वदेशी रूप से तैयार किए गए आरएफ सीकर, लॉन्चर, मल्टी-फंक्शन रडार और कमांड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। आइए जानते हैं कि आकाश-NG मिसाइल कितनी पावरफुल है।
जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल
जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश-एनजी मिसाइल की रेंज 40 से 80 किलाेमीटर तक है। इसमें खास तरह के डुअल पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर का इस्तेमाल किया गया है जो इसकी स्पीड को बढ़ाता है। खास बात है कि इसे मोबाइल प्लेटफॉर्म से लॉन्च कर सकते हैं। 19 फीट लम्बी यह मिसाइल अपने साथ 60 किलो वजन के हथियार ले जा सकती है।
दुश्मन की मिसाइल करती है स्कैन
720 किलो वजन वाली इस मिसाइल में एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे मल्टी फंक्शन राडार लगा है, जो दुश्मन की मिसाइलों और विमान को भी स्कैन कर सकता है। इसकी एक और खासियत है। मिसाइल की गति इतनी मारक है कि दुश्मन को बचने का मौका तक नहीं देती। यह 3087 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दुश्मन की तरफ बढ़ते हुए उसे निशाना बनाती है। इस मिसाइल का पुराना वैरिएंट्स 2009 से भारतीय सेना का हिस्सा है।
यह मिसाइल सेना की ताकत बनेगी क्योंकि इसे मोबिलिटी ट्रक्स पर बना गए मोबाइल लॉन्च सिस्टम से दागा जा सकता है। सेना पहले से ही आकाश-एनजी के पुराने संस्करण का इस्तेमाल कर रही है। पिछले साल चीन से हुए सीमा विवाद के दौरान लद्दाख की LAC में इसकी तैनाती की गई थी।
नई जनरेशन वाली आकाश-एनजी मिसाइल चीन को जवाब देने में सेना की मदद करेगी। बॉर्डर पर आए दिन चीन घुसपैठ की कोशिश करता है। नई मिसाइल जमीन से लेकर आसमान तक ड्रैगन को जवाब देगी। इससे पुराना संस्करण भारतीय वायुसेना ने ग्वालियर, पुणे, तेजपुर, जोरहाट और जलवाईगुड़ी बेस पर भी तैनात है। अब इसका और अपग्रेड वर्जन वायुसेना की ताकत को बढ़ाने का काम करेगा।
इसकी कई खूबियां ही इसे अलग बनाती हैं। जैसे- दुश्मनों के हथियारों और मिसाइलों को पहचानने वाला स्कैनिंग सिस्टम। इसकी मारक रफ्तार जिससे दुश्मन के लक्ष्य का बचना नामुमकिन है। ऐसी कई खूबियां आकाश-एनजी को एक पावरफुल मिसाइल में लाकर खड़ा कर देती हैं। जिसकी तैनाती भारत-चीन बॉर्डर पर की जा सकती है। सफल लॉचिंग बताती है कि बॉर्डर पर घुसने पर यह दुश्मन को जवाब देने के लिए तैयार है।